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हिमाचल प्रदेश में । भारी बारिश होने पर बस पर गिरी बहुत भारी मालवा।

हिमाचल प्रदेश: में  बहुत ज्यादा बारिश होने के के वजह से बेलाश पुर जिले:-  भालू पुल के पास हुआ संतोषी पहाड़ के पास हुआ  यह हादसा तब हुआ उस रोड से चलने वाली प्राइवेट बस अचानक बस पर ही गिर गया बहुत भारी पहाड़ का मालवा।

डाग स्कवाड: की मदद से आठ वर्षीय राहुल पुत्र संजीव निवासी गांव फंडां डाकघर मैर तहसील बड़सर हमीरपुर के शव को एनडीआरएफ की टीम ने निकाला।

रातभर परिवार इस आस में रहा कि उनके जिगर का टुकड़ा उन्हें मिल जाएगा। लेकिन सुबह सर्च अभियान शुरू हुआ तो वह मृत हालत में मिला

पहाड़ी से अभी भी भूस्खलन का खतरा:

पर यह घटना हुई है वह स्थल अभी भी सुरक्षित नहीं है। अभी भी पहाड़ी का बहुत बड़ा हिस्सा उभरा हुआ है, जिसे गिराने के लिए फायर ब्रिगेड का सहारा लिया जा रहा है। दमकल टीम ने पानी की फुहार से उस हिस्से को गिराने का प्रयास कर रहे है।

बहुत ही भयानक था हादसा:

इस दर्दनाक हादसे में अचानक ही लोग काल का ग्रास बन गए। शाम साढ़े छह बजे के करीब यह हादसा हुआ। अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक गया और बस इसकी चपेट में आ गई। हादसा बेहद भयानक था। भूस्खलन के कारण बस के परखच्चे उड़ गए।

CM ने मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपये देने का किया एलान, जांच का आदेश 16 लोगों का  मौतों का जिम्मेदार कौन?

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हादसे पर गहरा शोक जताए और मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की  मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें हादसे की जानकारी प्रशासन द्वारा दी गई  जिसके बाद सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।

सड़क की स्थिति और ब्लैक स्पॉट की किया जाएगा जांच

सड़क दुर्घटनाओं के हॉटस्पॉट पहचान करके उन पर सुधार उपाय करना, ताकि दुर्घटनाओं की संख्या कम हो सके। इसके लिए सड़क पर एक विशिष्ट 500 मीटर के हिस्से में पिछले तीन वर्षों में हुई दुर्घटनाओं का विश्लेषण किया जाएगा यदि एक निश्चित संख्या में गंभीर या जानलेवा दुर्घटनाएं होती हैं, तो उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाएगा और उसकी इंजीनियरिंग, डिजाइन या यातायात प्रबंधन में खामियों की जांच की जाती है।

परिभाषा: जब तीन वर्षों में उस हिस्से में कम से कम पाँच भीषण दुर्घटनाएं जिसमें गंभीर चोटें या मौतें शामिल हों होती हैं, तो उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है।

स्थल का निरीक्षण:-

पहचाने गए ब्लैक स्पॉट पर जाकर सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की जांच की जाती है।

खामियों की पहचान:-

दुर्घटनाओं के पीछे इंजीनियरिंग डिज़ाइन की कमी, गलत निर्माण या यातायात नियमों के पालन में विफलता जैसे कारण हो सकते हैं।

सुधार के उपाय:-

जांच के बाद, सुधार के लिए उपयुक्त उपायों की रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसमें इंजीनियरिंग सुधार, यातायात नियंत्रण और गति नियंत्रण शामिल हो सकते हैं।

सुधार कार्य:-

लोक निर्माण विभाग या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI जैसे विभाग इन सुधारों को लागू करते हैं।

निगरानी:-

सुधार कार्य के बाद, अगले तीन वर्षों तक यह देखा जाता है कि ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं की संख्या कम हुई है या नहीं। यदि दुर्घटनाएं नहीं होती हैं, तो ब्लैक स्पॉट बंद किया जाता है।

 

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